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Wednesday, 17 May 2017

UPTET SHIKSHAMITRA: शिक्षामित्रों के केस में आज की सुप्रीमकोर्ट की सुनवाई का सार


17 मई 2017: आज कोर्ट न0 5 में शिक्षामित्र मामले को विस्तार से सुना गया। न्यायमूर्ति महोदय ने सभी शेष पक्षकारों के बिन्दुओ को गौर से सुना। आज मा0 सुप्रीम कोर्ट शिक्षामित्र समायोजन केस पर कोई भी निर्णय नही दे सके। निर्णय को सुरक्षित करते हुए अगले 7 दिनों में शेष पक्षकारों के लिखित दस्तावेज जमा करने का आदेश किया। सुनवाई के 2 चरण पूर्ण हुए। अंतिम और तीसरा चरण अकादमिक भर्ती केस शुक्रवार 19 मई को 2 बजे से सुना जाएगा।

Tuesday, 16 May 2017

Primary ka Master: पांचवीं के बाद फेल किए जा सकेंगे छात्र: RTE में संसोधन के लिए विधेयक तैयार


Teachers: शिक्षक प्रशिक्षण की धनराशि में गोलमाल

16 मई 2017: जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : ब्लाक संसाधन केंद्रों पर होने वाले सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण में बड़े पैमाने पर गोलमाल हो रहा है। निविदा प्रक्रिया का पालन किए बिना पैसा खर्च दिखाया जा रहा है। नामांकन व उपस्थिति में भी फर्जीबाड़ा हो रहा।

अमृतपुर निवासी अश्वनी कुमार ¨सह ने शिकायत की है कि राजेपुर के खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मौर्या ने प्राथमिक स्तर के गणित शिक्षकों के प्रशिक्षण में 71 हजार 200 रुपये हड़प लिए। आरंभिक गणित कौशल विकास के 4 दिवसीय

UPTET News: प्रदेश की योगी सरकार का बड़ा फैसला, 1.92 शिक्षकों को मिलेगा मानदेय


16 मई 2017: नव गठित विधानसभा सत्र के पहले ही दिन सोमवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों ने बड़ी जीत हासिल की। योगी सरकार ने उनका मानदेय बंद करने का फैसला वापस ले लिया है। सरकार चालू वित्त वर्ष में भी वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए 200 करोड़ रुपये देगी। शासन की ओर से इसकी घोषणा विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा अनिल कुमार बाजपेयी ने धरनास्थल पर की।


प्रदेश के 17551 मान्यता प्राप्त वित्तविहीन स्कूलों के 1 लाख 92 हजार 123 शिक्षकों को सपा सरकार ने मानदेय देने का फैसला किया था, लेकिन योगी सरकार ने

UPTET News: बच्चों को खिला न सके लौटा दिए करोड़ों रुपये:मिड डे मील का 6.95 करोड़ रुपये शासन को किया गया सरेंडर


16 मई 2017, कानपुर: मिड डे मील का हाल देखिए, स्कूलों में बच्चों को पेट भर भोजन न करा सके और करोड़ों रुपये सरकार को लौटा दिए। जांच में इसका खुलासा होने पर अब दोषी अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। वर्ष 2016-17 में मिड डे मील (एमडीएम) की परिवर्तन लागत के करोड़ों रुपये तीन जिलों कानपुर देहात, औरैया व फरुखाबाद ने शासन को सरेंडर कर दिए। एडी बेसिक की पड़ताल में मामला खुला तो उन्होंने तीनों जिलों के बीएसए से एक सप्ताह में कारण सहित जवाब मांगा है और पूरे मामले से संबंधित जिलों के डीएम व एमडीएम निदेशक को अवगत करा दिया गया है। दरअसल मिड डे मील में करोड़ों रुपये की धनराशि बच्चों को खाना बनाने के लिए उपलब्ध कराई जाती है। 

अफसरों का कहना है कि विभागीय नियमानुसार पूरी धनराशि का उपभोग तय समय में हो जाना चाहिए पर तीन जिलों में करोड़ों रुपये शासन को सरेंडर करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। एडी बेसिक डॉ.फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि बीएसए का कारण संतोषजनक न हुआ तो कार्रवाई होगी।

72825 UPTET NEWS: मौलिक नियुक्ति की मांग पर प्रशिक्षु शिक्षक बैठे बेमियादी अनशन पर, सुप्रीमकोर्ट के आदेशानुसार मांगी नियुक्ति

UPTET News: परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के पद बढ़ने की जगी उम्मीद , एक माह में दूसरी बार शिक्षकों के पद निर्धारण का आदेश’


16 मई 2017: इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा अधिकारी विभाग के बड़े अफसरों की भी नहीं सुन रहे हैं। यही वजह है कि बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा को एक माह के अंदर दूसरी बार परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पद निर्धारण करने का आदेश देना पड़ा है। नये सिरे से पदों का निर्धारण होने में शिक्षकों के पद बढ़ना तय माना जा रहा है। उम्मीद है कि शिक्षकों की भर्तियां और तैनात शिक्षकों के तबादले इसी रिपोर्ट के आधार पर हो सकेंगे।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद का फिर निर्धारण होना है। 2010 के बाद दो साल पहले यह प्रक्रिया शिक्षामित्रों के समायोजन के समय हुई, उसके बाद से प्रदेश भर में बड़ी संख्या में नए विद्यालय खुले हैं साथ ही सभी स्कूलों

गोरखपुर: बीएसए ओम प्रकाश यादव हुए निलंबित: छह विद्यालयों में मनमाने ढंग से लिपिकों की नियुक्ति करने का आरोप

16 मई 2017: गोरखपुर : उत्तर प्रदेश शासन ने गोरखपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ओम प्रकाश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके ऊपर छह विद्यालयों में मनमाने ढंग से लिपिकों की नियुक्ति का गंभीर आरोप है। कई मामलों की जांच रिपोर्ट में भी अनियमितता पाई गई है। आरोप है कि बीएसए ने शिशु सेवा सदन कन्या जू.हा. दाउदपुर, गुलाब सिंह पूर्व माध्यमिक विद्यालय समयथान भीटी बड़हलगंज, लाल बहादुर शास्त्री जूनियर हाईस्कूल दुर्गाबाड़ी गोरखपुर, राजेश मेमोरियल कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरहरी, स्वास्तिक पूर्व मा.वि धर्मशाला बाजार तथा राम प्रसाद बिस्मिल इंटर कालेज पांडेयपार में लिपिक पद पर अनियमित रूप से नियुक्ति की है।

UPTET News: शिक्षको से गैर शैक्षिण्क कार्य लेना बंद हो


Friday, 12 May 2017

हरियाणा की ऑनलाइन शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी के मुरीद योगी, इसलिए पसंद आ रही शिक्षक तबादला नीति

12 मई 2017: चंडीगढ़ : तबादलों में भ्रष्टाचार का खेल खत्म करने के लिए हरियाणा की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी दूसरे राज्यों को भी रास आने लगी है। नित नई योजनाओं से दूसरे राज्यों को राह दिखा रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा विभाग में तबादला ‘व्यवसाय’ को खत्म करने के लिए मनोहर सरकार से सहयोग मांगा है। कर्नाटक सरकार पहले ही प्रदेश की नई तबादला नीति का अनुकरण कर रही है।

हरियाणा की शिक्षक तबादला नीति पर मंथन के बाद उप्र सरकार इसे पूरी तरह लागू करने की तैयारी में है। शुक्रवार को हरियाणा के शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक वीरेंद्र सिंह सहरावत लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रेजेंटेशन देंगे। वहां के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव दीपेंद्र कुमार हरियाणा की नीति के तमाम पहलुओं की जानकारी हासिल करेंगे। हरियाणा ने पिछले साल ही शिक्षा विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी शुरू की थी।

इसलिए पसंद आ रही शिक्षक तबादला नीति :
पिछले साल जुलाई से लागू नई शिक्षक तबादला नीति में पूरी तरह पारदर्शिता अपनाई गई है। इसके तहत पांच साल से एक ही स्कूल में जमे मुख्याध्यापकों व शिक्षकों को अनिवार्य और तीन साल से कार्यरत शिक्षकों को ऐच्छिक रूप से सुगम पोर्टल पर तबादलों के लिए स्कूलों के विकल्प देने होते हैं। समानता और अध्यापकों के मांग आधारित वितरण के आधार पर यह नीति तैयार की गई ताकि बच्चों के शैक्षणिक हितों को सुरक्षित किया जा सके। रिक्तियों का सकेंद्रण केवल कुछ ही विद्यालय में न हो, इसके लिए सभी रिक्तियों को आनुपातिक रूप में विभाजित किया जाता है। सभी जिलों के सरकारी विद्यालयों को सात क्षेत्रों में विभाजित कर शिक्षकों को इच्छित विद्यालय में स्थानांतरित किया जाएगा। इच्छित विद्यालय न मिलने पर ही उसे अन्य विद्यालयों में नियुक्ति किया जाता है।