12 मई 2017: बस्ती : विधायक के निरीक्षण में कप्तानगंज के नेवादा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी की जगह दूसरा व्यक्ति ड्यूटी करता मिला। विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ल की मौजूदगी में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। एसडीएम एवं खंड शिक्षाधिकारी ने फर्जी शिक्षक बृजभान निवासी कौड़ीकोल, कप्तानगंज का बयान लिया और फिर देर शाम कप्तानगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। प्रधानाध्यापिका इंद्रावती कप्तानगंज के पूर्व ब्लाक प्रमुख राजमणि चौधरी की पत्नी हैं।गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ल नेवादा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे तो यहां न बच्चे मिले और न शिक्षक।
विधायक के स्कूल में पहुंचने की खबर फैली थोड़ी ही देर में वहां पढ़ाने वाले बृजभान पहुंच गए। उसने बताया कि वह यहां तैनात प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी की जगह दो हजार रुपये मासिक के एवज में यहां पढ़ाता है। इसे प्रधानाध्यापिका ने ही रखा था। वह उनके पड़ोस के गांव का रहने वाला है। फर्जी शिक्षक को विधायक ने मौके पर ही मौजूद पुलिस के हवाले कर दिया गया।विधायक ने मौके से डीएमको इसकी जानकारी दी। थोड़ी ही देर में एसडीएम र्हैया हरिश्चंद्र सिंह और बीईओ राम तिलक वर्मा भी पहुंच गए।
दोनों अधिकारियों ने स्कूल के अभिलेख कब्जे में ले लिए। पकड़े गए फर्जी शिक्षक के साथ ही रसोइया राजमती और दूसरे सहायक अध्यापक मिथलेश गुप्ता का बयान भी लिया गया। बीईओ की तहरीर पर पुलिस ने प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी और फर्जी शिक्षक बृजभान के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया। विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ल ने कहा वह कौड़ीकोल विद्यालय देखने गए थे। यहीं पर बताया गया नेवादा स्कूल कभी खुलता ही नहीं है और कोई जांच करने भी नहीं जाता।
वह गए तो सबकुछ खुलकर सामने आ गया। स्कूल में महज सात बच्चे पंजीकृत मिले। दो अध्यापकों की तैनाती की गई है। मिड डे मील तो यहां कभी बना ही नहीं। डीएम अर¨वद कुमार सिंह ने बताया विधायक की सूचना पर एसडीएम और बीईओ को मौके पर भेजा गया था। जांच में जो भी दोषी पाए गए हैं उनके खिलाफ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।