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Monday, 26 January 2015

नियुक्ति पत्र पाने को प्रशिक्षुओं की रही भीड़

आजमगढ़ : बहु प्रतीक्षित प्रशिक्षु शिक्षक चयन-2011 के अंतर्गत विद्यालयों में क्रियात्मक प्रशिक्षण हेतु तैनाती व पद स्थापना के लिए रविवार को भी जाफरपुर स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नियुक्ति पत्र वितरण का वितरण किया गया। सुबह 10 बजे से ही दीवार पर चस्पा नोटिस पर प्रशिक्षु अपना नाम देख रहे थे, वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार नियुक्ति पत्र वितरण की गहनता से जांच कर वितरण प्रक्रिया को सुचारु बना रहे थे। सवा तीन साल से इंतजार कर रहे प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शनिवार की सुबह से शुरू हुई जो 26 जनवरी को भी जारी रहेगी। दो दिनों के अंदर रविवार की देर शाम तक लगभग 977 महिला, विकलांग और पुरुष प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र का वितरण हो चुका था।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सोमवार 26 जनवरी को सुबह 10 बजे से भी नियुक्ति पत्र का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को देर रात तक कुल 878 महिला व 26 विकलांग प्रशिक्षुओं में से 477 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। जब कि 25 जनवरी की देर शाम तक कुल 1070 पुरुष प्रशिक्षुओं में 500 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र दिया जा चुका था, जो देर रात तक जारी रहेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिन प्रशिक्षु अपना नियुक्ति पत्र नहीं ले सके हैं, वे दो फरवरी तक संबंधित विद्यालय में योगदान से पूर्व कार्यालय में उपस्थित होकर अपना नियुक्ति पत्र ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षु अंतिम नियत तिथि दो फरवरी तक संबंधित विद्यालय में योगदान अवश्य दें

खाली पदों पर टिकी कम मेरिट वालों की नौकरी की आस

मैनपुरी: तीन साल के लंबे इंतजार के बाद प्रशिक्षु शिक्षक चयन प्रक्रिया में जारी की गई चयनितों की पहली सूची में शिक्षक बनने से महरूम रहे कम मेरिट वाले आवेदकों को खाली पदों पर तीन दिनों बाद नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की सौगात मिल सकती है।

जनपद में फिलहाल विभिन्न श्रेणियों के 24 पदों पर दावेदारी करने के लिए आवेदक नियुक्ति पत्र लेने नहीं पहुंचे हैं। मंगलवार शाम तक नियुक्ति पत्र लेने वालों की संख्या को शासन को भेजकर उसमें खाली रहे पदों के लिए दूसरी सूची जारी करने की अनुमति शासन से ली जाएगी।

प्रशिक्षु शिक्षक चयन प्रक्रिया वर्ष 2011 से आवेदकों के धैर्य की परीक्षा ले रही थी। अदालती हस्तक्षेप के बाद इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया और शासन के निर्देश पर विगत 19 जनवरी से जनपद में चयनितों को नियुक्ति पत्र बीएसए कार्यालय पर थमाए जा रहे हैं। विभिन्न श्रेणियों के कुल 93 आवेदकों के नाम फाइनल चयनित सूची में शामिल किए थे। शुरुआती दो दिनों में नियुक्ति पत्र लेने के लिए बीएसए कार्यालय पर आवेदकों में होड़ रही। नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी आवेदकों को शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर विद्यालयों का आवंटन कर दिया गया। अब तक जिले में 69 आवेदक नियुक्ति पत्र और विद्यालय आवंटन की औपचारिकताओं को पूर्ण कर चुके हैं। इन सभी को 27 जनवरी तक हर हाल में चयन समिति द्वारा आवंटित किए गए विद्यालय में जाकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। जनपद में कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षकों की संख्या का संकलन कर बीएसए कार्यालय द्वारा इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा को अवगत कराया जाएगा। रविवार शाम तक 24 पदों के खाली रह जाने के चलते जनपद में नियुक्ति पाने के लिए बेकरार कम मेरिट वाले आवेदकों की आस बढ़ी है। हालांकि 69 पदों में ही कई श्रेणियों का कोटा फुल हो चुका है। कम मेरिट वाले आवेदक अपनी श्रेणी के लिए जारी हुए नियुक्ति पत्रों का पूरा ब्योरा हर रोज बीएसए कार्यालय से अपने सूत्रों के माध्यम से जुटा रहे हैं।

इस संबंध में चयन समिति के अध्यक्ष डायट प्राचार्य आरएस बघेल ने बताया कि प्रतीक्षारत आवेदकों की सूची को पहले तैयार किया जा चुका है। यदि 27 जनवरी के बाद पद खाली रहे तो उनके लिए सूची में नामों को सम्मिलित कर 29 जनवरी को दोबारा नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे

हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षक अभ्यर्थी

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सामाजिक अध्ययन व भाषा शिक्षकों की सीधी भर्ती का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका दायर कर इस बात की मांग की गई है कि जिस तरह विज्ञान व गणित के 29334 पद सीधी भर्ती से भरे जा रहे हैं, इसी तरह सामाजिक अध्ययन व भाषा शिक्षकों के पद भी भरे जाएं। याचिका पर सुनवाई 27 जनवरी को होगी।
अमित यादव की ओर से दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भाषा विषयों में एक-एक शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। अधिनियम लागू हुए चार साल बीत चुके हैं लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं है। सरकार ने तीन बार टीईटी कराया है जिसमें कला वर्ग से एक लाख 70 हजार और भाषा विषय से 55 हजार अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। विज्ञान वर्ग से एक लाख 10 हजार अभ्यर्थी ही उत्तीर्ण हुए हैं लेकिन उनकी भर्ती की जा रही है जबकि अन्य की उपेक्षा की जा रही है। याचिका में आरोप है कि सरकार विज्ञान वर्ग और कला वर्ग के अभ्यर्थियों में भेदभाव कर रही है।

अखिलेश सरकार से फिर जंग लडऩे को तैयार सहायक अध्यापक

कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रही सरकार

अनारक्षित 105 और आरक्षित 97 अंक वालों की काउंसिलिंग किस आधार पर हुई

काउंसिलिंग कराने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश में फंसी सरकार

आज नहीं तो कल मजबूर होकर सरकार देगी इन्हें नियुक्ति पत्र

लखनऊ। देश की सर्वोच्च अदालत जहां विश्व के सबसे ताकतवर व्यक्ति को भारत आने के बावजूद ताजमहल देखने से रोक देता है वहीं इस सर्वोच्च अदालत के आदेश की अवहेलना राज्य सरकार का शगल बनता जा रहा है। मामला 72,825 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का है। एक तरफ लगातार साढ़े तीन वर्षों से सहायक अध्यापकों और राज्य सरकार के बीच तलवारें खिंची हुई हैं तो वहीं दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी इन सहायक अध्यापकों को सही मानते हुए प्रदेश सरकार को एक बड़ा आदेश सुना दिया।

सर्वोच्च अदालत के अनुसार टीईटी में अनारक्षित वर्ग में 105 अंक और आरक्षित वर्ग में 97 अंक पाने वाले सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का आदेश था लेकिन प्रदेश सरकार सर्वोच्च न्यायलय के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए इस नियुक्ति में लगातार अपनी मनमानी करते जा रहा है।

ऐसा नहीं है कि सरकार ने खुले तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का मन बना लिया हो। सरकार भी जानती है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना करना उनके लिए संभव नहीं है। इसी को देखते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनारक्षित वर्ग के 105 अंक पाने वाले और आरक्षित वर्ग के 97 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग तो करा ली लेकिन यह भी बता दिया कि उनके पास इन्हें नौकरी देने के लिए पद नहीं है। सवाल यह उठता है कि अगर पद नहीं थे तो सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस बात को क्यों नहीं रखा। और तो और बिना पदों के काउंसिलिंग किस आधार पर करवाई। इतना ही नहीं शिक्षा मित्रों के माध्यम से पदों को भरने की जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है।

सरकार की मंशा साफ है। सरकार शुरू से टीईटी के आधार पर नियुक्ति की खिलाफत करती रही है क्योंकि समाजवादी पार्टी की सरकार वह सरकार है जो जब भी प्रदेश में अस्तित्व में आई हर तरफ नकल और नकलचियों का बोलबाला रहा वह भी सरकार की कृपा के चलते।

सरकार ने नकल को बढ़ावा देते हुए हर बार अपनी सरकार के रहते हुए अपात्रों को अच्छे नंबरों से पास कराने का ठेका लेती रही है। उसी का नतीजा है कि वह टीईटी के माध्यम से नियुक्ति न करके एकेडमिक आधार पर नियुक्ति कराना चाह रही थी। सही भी है जब नकल कराकर ही लोगों को पास करवाया है तो उसी आधार पर नौकरी भी देना इनकी मजबूरी बनती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया। प्रदेश में लगभग तीन लाख अध्यापकों के पद खाली हैं और कोर्ट ने भी इन्हीं तीन लाख खाली पदों के आधार पर टीईटी पास अनारक्षित 105 अंक और आरक्षित 97 अंक वालों को समायोजित करने का आदेश दिया था, लेकिन प्रदेश की समाजवादी सरकार इन टीईटी पास सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र नहीं देना चाह रही है। नतीजतन यह टीईटी पास सहायक अध्यापक एक बार फिर प्रदेश की समाजवादी सरकार से जंग लडऩे की तैयारी में जुट गए हैं। लगातार अपने आपको मजबूत करते हुए टीईटी पास सहायक अध्यापक सरकार से फिर लोहा लेने के तैयारी में लग गए। उनकी मानें तो अब ये लड़ाई तब तक जारी रखेंगे जब तक तीन लाख पदों के सापेक्ष टीईटी 2011 में अनारक्षित वर्ग 105 और आरक्षित वर्ग 97 वालों को सरकार समायोजित नहीं कर लेती। अजीब विडंबना है, सरकार के पास पद भी हैं और उन पदों पर नियुक्ति पाने के लिए योग्य सहायक अध्यापक भी फिर आखिरकार सरकार इन्हें नियुक्ति पत्र देने में आखिर क्यों हीलाहवाली कर रही है। क्या सरकार अपने आपको सर्वोच्च न्यायालय से भी ऊपर मान रही है। क्या प्रदेश की सरकार अपनी जनता की इस तरह की अनदेखी करके खुद को राज्य की बागडोर संभालने के लिए कब तक खड़ी रह सकती है। सरकार को लेकर प्रदेश की जनता में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया है। नाराजगी सिर्फ सहायक अध्यापकों की ही नहीं है। नाराजगी तो पूरे प्रदेश की जनता को है। जहां एक तरफ ढाई लाख टीईटी पास अभ्यर्थी और उनके परिवार वालों की नाराजगी है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार के कानून व्यवस्था से भी लोगों में जबरदस्त रोष है। अब तक प्रदेश के इस तीन वर्षीय समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में किसी भी तरह की या किसी भी विभाग में कोई नियुक्ति नहीं हुई। बेरोजगारी चरम पर है और सरकार प्रदेश के बेरोजगारों के पैसे से जहां नेताजी का जबरदस्त सामंती तरीके से जन्मदिन मनाती है, सैफई में महोत्सव के नाम पर इन बेरोजगारों के पैसों को पानी की तरह बहाया गया और तो और प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी डिंपल यादव का जन्मदिन भी विदेश में जाकर मनाया। 

10वीं पास की बंपर भर्ती, 62,000 पद खाली

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, एआर, एनआईए, एसएसएफ में कांस्टेबल के रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की है। पदों की कुल संख्या 62,390 निर्धारित की गई है। जिसमें पुरुषों के 53,857 पद व महिलाओं के 8533 पद शामिल हैं।

पुरुष वर्ग में सामान्य वर्ग के 27,604 पद, पिछड़े वर्ग के 12,204 पद, अनुसूचित जाति के 8888 पद व अनुसूचित जनजाति के 5161 पद शामिल हैं।

महिला वर्ग में सामान्य वर्ग के 4368 पद, पिछड़े वर्ग के 1972 पद, अनुसूचित जाति के 1384 पद व अनुसूचित जनजाति के 809 पद हैं।

इन पदों पर भर्ती के लिए भारतीय नागरिकों से आवेदन पत्र मंगाए गए हैं। इन पदों के लिए शैक्षिक योग्यता 10वीं पास या समकक्ष निर्धारित की गई है। विज्ञापित पदों के लिए उम्र सीमा 18 से 23 वर्ष है। आयु की गणना 01 अगस्त, 2015 से की जायेगी। अधिकतम उम्र सीमा में आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट प्रदान की गई है। विज्ञापित पदों के लिए 5,200 से 20,200 रुपये (ग्रेड पे 2000 रुपये) वेतनमान निर्धारित किए गए हैं।

इस तरह से करें आवेदन

योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का चयन शारीरिक परीक्षा, लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के माध्यम से किया जायेगा।
परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय प्रारूप में होंगे।

अंतिम चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा की तिथि 04 अक्टूबर, 2015 निर्धारित की गई है।

इन पदों के लिए सामान्य व अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों के लिए 50 रुपये सीआरएफएस के माध्यम से (ऑफलाइन आवेदकों के लिए) या चालान/ऑनलाइन के माध्यम से (ऑनलाइन आवेदकों के लिए) जमा करना होगा।

आरक्षित वर्ग व महिला वर्ग को कोई आवेदन शुल्क जमा नहीं करना होगा। योग्य उम्मीदवार संबंधित वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 फरवरी, 2015 निर्धारित की गई है। आवेदन व अन्य आवश्यक जानकारी एवं निर्देश के लिए उम्मीदवार एसएससी की वेबसाइट http://ssconline.nic.in/ पर लॉग ऑन करें

टीजीटी में 80 फीसद शामिल, सात पर एफआइआर

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रशिक्षित स्नातक परीक्षा (टीजीटी) में रविवार को 80 फीसद अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें सात अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। उन पर ओएएमआर की दोनों कार्बन कापियां ले जाने का आरोप है। नियमानुसार अभ्यर्थी को एक ही कार्बन कापी ले जाना था। बोर्ड के सदस्य ललित श्रीवास्तव ने बताया कि इलाहाबाद में दो, कानपुर में एक, मेरठ में एक, लखनऊ में एक तथा फैजाबाद में दो अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। हालांकि उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अज्ञानता में भी दोनों कार्बन कापी ले जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा की आन्सर की (उत्तर कुंजी) दो-तीन दिन में ही जारी कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को आपत्ति दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाएगा।

टीजीटी की पहले दिन की परीक्षा 11 मंडल मुख्यालयों पर आठ विषयों ¨हदी, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, संगीत गायन, अंग्रेजी, उर्दू, कताई बुनाई व सिलाई की थी। इसमें एक लाख 84 हजार अभ्यर्थियों को शामिल होना था। शामिल हुए अभ्यर्थियों का डाटा देर रात तक पूरा न हो सका था

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्ताँ हमारा।।।

आप सभी को गण्तंञा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

Sunday, 25 January 2015

सीतापुर: 1398 पुरूषों को मिला नियुक्ति पत्र

सीतापुर : 72 हजार 825 बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत जिले में 6400 पदों पर अध्यापकों को तैनात किया जाना है। जिस क्रम में नियुक्ति पत्रों के वितरण का कार्य शुक्रवार को जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान डायट पर शुरू हुआ था। पहले दिन महिलाओं को नियुक्ति आदेश बांटे गए जबकि दूसरे दिन शनिवार को पुरूष वर्ग को आदेश प्राप्त करने के लिए बुलवाया गया था। दो दिन चले आदेश वितरण कार्यक्रम के तहत 2798 आवेदकों को आदेशों का वितरण किया गया।

लखीमपुर: नियुक्ति पर लगायी रोक

लखीमपुर: जैसी खबरें आ रहीं हैं उसके अनुसार लखीमपुर में चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखो में गड़बड़िया मिली हैं. ऐसे अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र पर रोक लगा दी गयी है एवं उच्च अधिकारियो को अवगत करा दिया गया है: डॉ ओपी राय, बीएसए लखीमपुर।

पूरी खबर: प्रशिक्षु-शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सेंधमारी
जासं, लखीमपुर : शिक्षा विभाग में प्रशिक्षु-शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सेंधमारी करने का मामला उजागर हुआ है। अभ्यर्थियों की सोची-समझी साजिश को बेसिक शिक्षा अधिकारी व डायट प्राचार्य ने विफल कर दिया है, लेकिन राजफाश होने के बाद से हड़कंप मचा है। जांच के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा किया गए फर्जीवाड़े को पकड़ लिया और उनके नियुक्ति पत्र पर रोक लगा दी है। डायट कमेटी इन सभी मामलों की गहनता से जांच कर रही है।

नियुक्ति पत्र बंटने से पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. ओपी राय डायट द्वारा फाइनल की गई सूची की जांच कराई। इसमें ऐसे अभ्यर्थियों के सामने आए, जिनके अभिलेखों में घर का पता नहीं मिला। मामले की जांच शुरु हुई तो सबकुछ आइने की तरह साफ हो गया। अभ्यर्थियों ने अभिलेखों में हेरफेर करते हुए काउंसिलिंग कराई और हैरत की बात है कि उनका नाम चयन सूची में भी आ गया।
अभिलेखों के फर्जीवाड़े में अश्वनी मिश्र, गुडडी यादव, प्रीती त्रिवेदी, पवन कुमार, सुनील कुमार सिंह, सरिता वर्मा और अनिल कुमार को पकड़ा गया है। इन अभ्यर्थियों में से सुनील कुमार ने काउंसिलिंग के दौरान जूनियर हाई स्कूल के कागज लगाए हैं जबकि प्राइमरी के कागज जमा न करने पर उनके मामले को विचाराधीन कर दिया गया है। अनिल कुमार द्वारा हाई स्कूल व इंटर की मार्कशीट में हेरफेर किया है गया, अंक साफ नहीं है।
अन्य अभ्यर्थियों के टीईटी अंक पत्र गलत निकले हैं। इन अभ्यर्थियों के किसी भी जिले में टीईटी काउंसिलिंग का कार्ड नहीं मिला है। इससे स्पष्ट है कि उक्त लोगों ने भर्ती प्रक्रिया में सेंधमारी करने का प्रयास किया है। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि उक्त सभी लोगों ने औपबंधिक काउंसिलिंग कराई थी। इसके चलते उक्त लोगों ने डायट में मूल अभिलेख जमा न करके फोटोकापी से काउंसिलिंग कराई थी।
नियुक्ति पत्र पर लगाई रोक
चयनित सूची में कुछ अभ्यर्थियों के अभिलेखों में गड़बड़ी मिली है। ऐसे अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र पर रोक लगा दी गई और उच्चधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। ल्ल डॉ. ओपी राय, बीएसए खीरीचयनित सूची में कुछ अभ्यर्थियों के अभिलेखों में गड़बड़ी मिली है। ऐसे अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र पर रोक लगा दी गई और उच्चधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। ल्ल डॉ. ओपी राय, बीएसए खीरी





Saturday, 24 January 2015

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एससीईआरटी लखनऊ से खबर !!!!!!!!!!!!
आज लखनऊ टीम के सक्रिय सदस्य राजीव शर्मा जी , डा. एमपी सिंह जी , मोइज्जम भाई आदि लखनऊ एससीईआरटी निशात गंज गए थे और निदेशक साहब से वार्ता हुई उसके अंश निम्न हैं |
फर्जीवाड़े पर :
राजीव जी व अन्य : आप नोडल अफसर हैं अब तक डाइट प्राचार्य के खिलाफ कार्यवाई क्यों नहीं की जब आप देख रहे हैं की डाइट की साथ-गाँठ से सब कुछ हो रहा है |
निदेशक साहब : आप क्या चाहते हैं उन्हें जेल भेज दूँ ?
राजीव जी व अन्य : होना तो ये ही चाहिए पर आप ढिलाई बरत रहे हैं |
निदेशक साहब : मैंने उन्हें नोटिस भेज दिए हैं |
राजीव जी व अन्य : उससे क्या हम आपको ६ माह से कहते आ रहे हैं परन्तु आपने कोई भी लीगल एक्शन नहीं लिया और फ़िल्टरिंग फीडिंग के नाम पर अभ्यर्थियों को छल रहे हैं ?
निदेशक साहब मूक बने रहे |
६५/७० % के ऊपर :
राजीव जी व अन्य : आपने ६५/७०% के आदेश का कंप्लायंस नहीं किया है , आप जानते हैं कहाँ जा रहे हैं ?
निदेशक साहब : मैं कहाँ जा रहा हूँ ?
राजीव जी व अन्य : हाँ हमारे लिए एक ही बात है सरकार अवमानना में जा रही है , क्या आपने आदेश की आखिरी की तीन पंक्तियाँ नहीं पढ़ी , हमें तो इस बार जरुरत भी नहीं पड़ेगी कंटेम्प्ट की |
निदेशक साहब : मेरे पास ७२८२५ पद हैं इसके अलावा ७२८२६वा पद नहीं भरा जाएगा |
राजीव जी व अन्य : ये आदेश ३ लाख पर है |
इसी बीच मनोज अहिरवार जी से भी गरमा-गर्मी हो गयी |
तो दोनों ने ये ही कहा की पद बढ़ने का मुद्दा आप शासन स्तर पर देखिये हम क्या कर सकते हैं ?

इसके बाद राजीव भैया (लखनऊ मीडिया प्रभारी हैं हमारी टीम के इसलिए) अपने कुछ साथियों के साथ समाचार प्लस चैनल पर फर्जीवाड़े के सुबूत देकर आये जिस पर उन्होंने कल बाइट चलाने का आश्वासन दिया है और साथी ही समाचार पत्रों में भी जल्दी ही ये मुद्दे दिए जायेंगे |

३ तारीख की मीटिंग में शासन स्तर पर दवाब बनाने के लिए रड़नीति तय की जाएगी इसके लिए मेरे राजीव भैया व अन्य (लखनऊ टीम) से बातचीत का दौर चालू हो चूका है और सरकार को किस तरह से घेरा जायेगा इस पर पूरा विचार विमर्श करने के पश्चात ही आप तक बात ३ तारीख को पहुंचा दी जायेगी |
लखनऊ में २७ फ़रवरी को सुबह ११ बजे तक लखनऊ और आस-पास के लड़के जरूर पहुंचें एससीईआरटी के घेराव के लिए , जोरदार प्रदर्शन करना है |
आज के लिए लखनऊ टीम टीम का आभार और इस मौके पर गणेश दिक्सित , अनिल वर्मा आदि मौजूद रहे |
लखनऊ टीम से संपर्क कीजिये :
लखनऊ टीम -----मोइज्जम अली - 7052235486 (लखनऊ),आलोक सिंह - 8574598650 (लखनऊ)
राजीव शर्मा - 9918463155 (लखनऊ),एम.पी सिंह - 8423239700 (लखनऊ)
यज्ञ दत्त अवस्थी - 9795840497 (लखनऊ) |
मुख्या रूप से संपर्क कीजिये : जीतेन्द्र सिंह सेंगर - 9838032735 (फतेहपुर),हिमांशु राणा - 9927035996 (मेरठ)